STORYMIRROR

Muskan Raghav

Romance

4  

Muskan Raghav

Romance

तू काश पास हो!!

तू काश पास हो!!

1 min
272

सितारों की महफ़िल में

ख्वाबो की मंज़िल में,

हर वक़्त ढूँढ़ती मै तुझे,

तू काश! पास हो!!


लोगों की भीड़ों मैं,

दुखो के समंदर में,

तू मुझे थामे गले से लगाये,

काश! तुम पास हो!!


आँखे बंद करो चेहरा तेरा याद आये,

रास्ता भटकूं तोह तू ही सम्भाले,

आँखों से थोड़ी दुरी भले ही,दिल सब कुछ ही समझाए,

काश! तुम मेरे पास हो ;दूरी न कोई और हम साथ हो!!


आँखों से निहारूं तुम्हे,

मेरे हाथों मैं तुम्हारा हाथ हो,

आस्मा हम निहारे और मेरी आँखों मैं मेरा तू चाँद हो,

काश! तुम मेरे पास हो!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance