STORYMIRROR

bisman idrees

Abstract Romance

4  

bisman idrees

Abstract Romance

दिल

दिल

1 min
240

दिल तुझपे फिदा हुआ,

दिल तुझ पर फिदा हुआ

कमबख्त खुद से ही तबा हुआ

ना दिन देखा, ना रात देखी


कमबख्त तेरे पर ही बना हुआ

खुद को यही कहता रहा

खुद को ही यह कहता रहा

हाय रे पगली यह क्या हुआ।


कभी यहां कभी वहां

यह बावरे की तरह तबाह हुआ

कभी यहां कभी वहां

यह बावरे की तरह तबाह हुआ।।


मगर खुद तो हुआ,

साला साथ हमें भी ले ही डूबा।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract