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Amit Kumar

Romance


5.0  

Amit Kumar

Romance


बेहिसाब इश्क़

बेहिसाब इश्क़

1 min 454 1 min 454

बेहिसाब इश्क़ की दौलत

आपने खूब सम्भाली है

यह अलग बात है

आप खुद इश्क़ से

कुछ महरूम से रहे

अपनों का साथ

अपनों के साथ

अपनों के लिये

यह वो मसले है

जो आपके लिए 

बहुत खूब रहे

फिर इश्क़ ने तुम्हें

चुन ही लिया अपने लिए

अपनों के साथ

हमेशा अपनों के लिए

यह सादगी आपकी

अदायगी है आपकी

और इसी अदायगी के क़ायल

दुनिया में एक हम रहे

और बस एक तुम रहे


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