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बदलती दुनिया

बदलती दुनिया

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जब बदली ये दुनिया

मेरी तस्वीर की ये दुनिया।


दुनिया की लुटती भुनिया

बिखरते आंगन की बिखरती पुड़िया।


चाँद के जैसे चमकती दुनिया

सूरज से पहले जलती दुनिया।


दुनिया में एक देश मैने ऐसा देखा

जिसमें सबको अपना कहते मैंने देखा।


इतना न्यारा देश मैंने अपना देखा

जिसमे सबको एक जुट होते देखा।


भारत जैसा कोई देश ने मैंने देखा।


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