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SHWETA GUPTA

Drama

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SHWETA GUPTA

Drama

मैं मोदी हूँ

मैं मोदी हूँ

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न रोक पाओगे तुम मुझको

मेरे पंख भी हैं, परवाज़ भी है।

मेरा छप्पन इंच का सीना है,

शेरों सी बुलंद आवाज़ भी है।


आँखों में मेरी वह जादू है,

जो सर चढ़कर के बोलेगा।

बातों में मेरी शहद भरा है,

जो कानों में मिश्री घोलेगा।


भारत की मिट्टी में मैं जन्मा,

मिट्टी ही मेरा खिलौना थी।

नील गगन की छत थी मेरी,

मिट्टी ही मेरा बिछौना थी।


कभी चाय बनाई थी मैंने,

चाय सा मुझमें उबाल भी है।

बहुत अहसास कह लिए मैंने,

कुछ अनकहे सवाल भी हैं।


आर. एस. एस. के उसूलों को,

बचपन में ही अपनाया था।

मैंने देश प्रेम का यह परचम,

मन में छुटपन में लहराया था।


शिक्षा भी बहुत जरूरी है,

मैं इसका जीवंत उदाहरण हूँ।

चाहे सबके लिए खास हूँ मैं,

मन से फिर भी साधारण हूँ।


भाजपा से जब जुड़ा था मैं,

वह सन् उन्नीस सौ पचासी था।

सोलह वर्ष जन- सेवा की मैंने,

यह पहला कदम सियासी था।


भुज में भूकंप के विनाश से,

गुजरात मेरा था सहम गया।

बना मुख्य मंत्री गुजरात का,

आर्थिक विकास किया नया।


जनमत से मैं चुना गया था,

बागडोर भारत की संभाली थी।

'मेक इन इंडिया' जब कहा था,

यह बात नई- निराली थी।


काला धन बंद तिजोरी में था,

अर्थवयवस्था की वह हानि थी।

विमुद्रीकरण कर उसे लौटाने की,

मैंने मन ही मन में ठानी थी।


जी. एस. टी. जब लेकर आया,

बहुत मेरा था विरोध हुआ।

पर अपने भारत की खातिर

खेलना पड़ा था यह जुआ।


मेरी कुशल नीतियों के कारण,

अमरीका भी है दोस्त बना।

ओबामा ने हाथ मिलाया मुझसे,

ट्रम्प ने 'हाउडी मोदी' कहा।


पुलवामा में थे आतंकी आए,

सैनिकों पर किया घातक वार।

जा पहुँचा उनके ही गढ़ पर,

उन पर किया भीषण प्रहार।


कश्मीर से धारा 370 हटाई,

सम्पूर्ण भारत को किया समान।

एक देश के एक हैं नागरिक,

नागरिकता सबकी है पहचान।


ध्यान करूँ तो भारत को देखूँ,

मैं योग हूँ, मैं ही योगी हूँ ।

मुझको हल्के में मत लेना,

मैं मोद नहीं, मैं तो मोदी हूँ।


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