STORYMIRROR

SHWETA GUPTA

Children Stories

2  

SHWETA GUPTA

Children Stories

गुल्लक

गुल्लक

1 min
157

माँ मिट्टी की गुल्लक मुझे दिला दे,

मैं जिसमें पैसे जोड़ूँगा।

खनखन सिक्के जब शोर करेंगे,

मैं उसको फिर तोड़ूँगा।


उसमें ढेर सा मेरा खजाना होगा,

जिस पर मैं खूब इतराऊँगा।

उसे तोड़कर, यह सोचा है मैंने

तुझे नई साड़ी दिलवाऊँगा।


वह साड़ी तुझ पर खूब सजेगी,

मैं तेरी तस्वीर बनाऊँगा।

भाग कर आ बैठूँगा तेरी गोदी में,

मैं राजकुमार बन जाऊँगा।


Rate this content
Log in