STORYMIRROR

SHWETA GUPTA

Abstract

3  

SHWETA GUPTA

Abstract

वंदे मातरम्

वंदे मातरम्

1 min
288

शांति का पाठ पढ़ाया जग को,

पर अब फूटी चिंगारी है।

शत्रु को धूमिल करना है,

की पूरी तैयारी है।

‘वंदे मातरम्’ : उद्घोष नहीं,

यह पहचान हमारी है।


चाँद साक्षी बना हमारा,

यह रात्रि शत्रु पर भारी है।

समस्त विश्व ने मान लिया,

लक्षित दृष्टि हमारी है।

‘वंदे मातरम्’ उद्घोष नहीं,

यह पहचान हमारी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract