STORYMIRROR

Deepak Tongad

Tragedy

3  

Deepak Tongad

Tragedy

ट्विंकल शर्मा, एक मासूम

ट्विंकल शर्मा, एक मासूम

1 min
283

एक मासूम के साथ 

जिन्होंने खेल घिनौना खेला है 

रूह कांप रही होगी 

माँ बाप की भी 

जिनके घर में पैदा होकर बेटी सो रही होगी 

किस मासूम को क्या पता 

अब अगला नम्बर किस का है

ये सोच कर हर माँ बाप की छाती दहल रही होगी 

आज इस मासूम के साथ जो हुआ 

ये सोच कर हर भाई की बहन रो रही होगी 

अब अगला नम्बर किस का 

ये सोच कर कोई बेटी किसी कोने में रो रही होगी 

जाहिद खान और असलम खान

शक्ल तो देखो इन दरिंदो की 

हैवानो की 

वो मासूम इन चेहरे को देखकर डर गई होगी 

क्या पता उस मासूम को

अगले पल ये कुत्ते तुझे नोच कर खा जायेंगे 

ये सोच कर उस मासूम की धड़कन रुक गई होगी 

इस घिनौनें खेल की कीमत किसने चुकाई 

हर इंसान की आँखें भर गई होंगी

काफी समय से रुकी मेरी कलम 

उस बेटी की ख़ातिर चल गई होगी 

अब चाहे कुछ भी हो जाए 

मुझे इन अल्फाजों की कीमत चुकानी होगी 

मैंने अब कर लिया प्रण 

अब ऐसे दरिंदो को सजा दिलानी होगी 

अब चैन से नहीं बैठने की कसम खाई है 

अब ये कसम तो निभानी होगी 

अब चाहे कुछ भी हो जाए 

तुम सब साथ दो या मत दो 

अब मुझे मेरी कलम चलानी होगी 

मरे हुये इंसानो की जमीर जगानी होगी 

इंसानियत की फर्ज निभानी होगी।। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy