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Deepak Tongad

Romance

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Deepak Tongad

Romance

मैं तरस रहा हूँ आसमान छूने को

मैं तरस रहा हूँ आसमान छूने को

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मैं तरस रहा हूँ

उस मंजिल को छूने के लिए।

मैं तरस रहा हूँ

उस पल को जीने के लिए।


मैं तड़प रहा हूँ

खुद को तराशने के लिए

मैं तड़प रहा हूँ

किसी पर अपना हक जताने के लिए।


मैं तरस रहा हूँ

तेरे जिस्म को छूने के लिए।

मैं तड़प रहा हूँ

खुद को खुद में भरने के लिए।


मैं तरस रहा हूँ

आसमान छूने को।।


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