STORYMIRROR

Prem Thakker

Romance Others

4  

Prem Thakker

Romance Others

प्रेम की ज़िंदगी-दिकु

प्रेम की ज़िंदगी-दिकु

1 min
391

ऐ किस्मत सुन

हर सज़ा के लिये तैयार हूँ मैं

अगर तेरी नज़र में गुनाहगार हूँ मैं


शर्त फक्त इतनी है

की मुजे मेरी ज़िंदगी वापिस लौटानी होगी तुजे


कुछ भी नही चाहिये मुजे,

बस मेरी मोहब्बत *दिकु* का तलबगार हूँ मैं


प्रेम का इंतज़ार अपनी दिकु के लिये


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance