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shubhangi arvikar

Drama

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shubhangi arvikar

Drama

बच्चों से सिखो

बच्चों से सिखो

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बच्चों से सीखो हँसना

मुस्कुराना गीत गाना

सुबह की कोमल धूप सा

सबके दिल को छूना 


बच्चों से सिखो लड़ना

रूठकर ज़रा सा रो देना 

अगले ही पल पोंछ के आँसू

यार से अपने गले मिलना


बच्चों से सीखो कैसे

बेफ़िक्र है ज़िंदगी जीना

बस बिना रुके बिना झुके

क़दम आगे बढाते रहना


बच्चों से सीखो उमीद

बच्चों से सीखो भावना

बच्चों से सीखो भरोसा 

बच्चों से सीखो कल्पना


बच्चे है निर्मल निश्छल

कलकल बहता झरना

बच्चों से सीखो तो ज़रा

औरों के दिल में झाँकना।


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