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shubhangi arvikar

Abstract

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shubhangi arvikar

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हमें अंदाज़ा नहीं था

हमें अंदाज़ा नहीं था

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हमें अंदाज़ा नहीं था

ये वक़्त इतनी जल्दी बीत जाएगा


ये हरियाली जल्दी सुख जाएगी

ये रास्ता कहीं भटका जाएगा


अंदाज़ा ना था इरादों का तेरे

तेरे संग इतने रोशन थे सवेरे


पर तू ही तनहा कर जाएगा

उमीदों के चिराग़ बुझा जाएगा


मेरी ख़ुशियाँ ग़ैरों को दे जाएगा

ना था अंदाज़ा तू इस क़दर चला जाएगा।


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