shubhangi arvikar
Romance
कल बाहों में लेकर झुलाया मुझे
आज उसने माथा चूम लिया
दो दिन के उसके प्यार में
मेरा मन यूँ ही झूम लिया
अधूरा रहे ये चाहे पूरा हो जाए
मैंने तो दोनों जहाँ घूम लिया
उसकी बहकी बहकी निगाहों में
मेरा मन यूँ ही झूम लिया।
दूर की चाहत
आपका प्यार मे...
कितनी अलग हूँ...
बच्चों से सिख...
आस का दीप
नदी
हमें अंदाज़ा ...
दुनिया
आँखों का भ्रम...
मन यूँ ही झूम...
मोहब्बत से दुनिया है या दुनिया से मोहब्बत जो करते सब मोहब्बत तो फिर कैसी अदावत। मोहब्बत से दुनिया है या दुनिया से मोहब्बत जो करते सब मोहब्बत तो फिर कैसी अदा...
तुम टोह लेना मेरे गीले मन की, तुम टोह लेना मेरे गीले मन की,
सुनो जान, मैं प्यार करती हूं तुमसे।। सुनो जान, मैं प्यार करती हूं तुमसे।।
स्वयं को भूल, अंजान राहों पर बढ़ना, और राह की ठोकरों से दो चार होना। स्वयं को भूल, अंजान राहों पर बढ़ना, और राह की ठोकरों से दो चार होना।
जिनको हकीकत में देखने को तरसते थे उनका सपने में दीदार हुआ। जिनको हकीकत में देखने को तरसते थे उनका सपने में दीदार हुआ।
प्रेम बाग के प्रेम सुमन में प्रेम पराग लुटाते चलो. प्रेम बाग के प्रेम सुमन में प्रेम पराग लुटाते चलो.
सर्दियों के बाद का वादा था निभाओगी ना आखिरी बार मिलन की ख्वाहिश है आओगी ना. सर्दियों के बाद का वादा था निभाओगी ना आखिरी बार मिलन की ख्वाहिश है आओगी ना.
दो दिलों के बीच स्थान की दूरी का क्या अस्तित्व? दो दिलों के बीच स्थान की दूरी का क्या अस्तित्व?
जलने लगा परवाना तो लहरा के बोली यूं शमां मेरी जान तेरी जान में ही बसी है। जलने लगा परवाना तो लहरा के बोली यूं शमां मेरी जान तेरी जान में ही बसी है।
दर्द को दिल में छुपा कर हंस रहे हैं हम सगी़र। अब ख़ुशी में और ग़म में जंग जारी रह गई। दर्द को दिल में छुपा कर हंस रहे हैं हम सगी़र। अब ख़ुशी में और ग़म में जंग जार...
फ़िरोज़ी मेरे सपने बुनते हैं एक वितान अपने अरमानों के धागों संग । फ़िरोज़ी मेरे सपने बुनते हैं एक वितान अपने अरमानों के धागों संग ।
हमारे बीच कभी कोई प्रतिबद्धता नहीं थी हमारे बीच कोई नियम नहीं थे. हमारे बीच कभी कोई प्रतिबद्धता नहीं थी हमारे बीच कोई नियम नहीं थे.
जिसे देखकर दिल से निकले हाय, उसके साथ जरूर पिनी चाहिए, एक कप चाय ! जिसे देखकर दिल से निकले हाय, उसके साथ जरूर पिनी चाहिए, एक कप चाय !
ये शिकयतों के लहजे भी अजीब हैं ,, जिनसे होती है ना वहीं दिल में रहते हैं। ये शिकयतों के लहजे भी अजीब हैं ,, जिनसे होती है ना वहीं दिल में रहते हैं।
तेरे और मेरे होने के बीच,कुछ,नहीं बहुत फ़ासले थे एक-दो नहीं कई शहर ,गाँव और क़स्बे थे। तेरे और मेरे होने के बीच,कुछ,नहीं बहुत फ़ासले थे एक-दो नहीं कई शहर ,गाँव और क़स...
एक मुलाकात में बात ही बात में दिल मेरा चुरा लिया। एक मुलाकात में बात ही बात में दिल मेरा चुरा लिया।
इंतजार की घड़ियाँ सरक रही हैं, नजरें ड्योढ़ी पर टिकी हुई हैं. इंतजार की घड़ियाँ सरक रही हैं, नजरें ड्योढ़ी पर टिकी हुई हैं.
मेरी आंख के आंसू को तुम पलकों पे अपनी सजाया करते हो, मेरी आंख के आंसू को तुम पलकों पे अपनी सजाया करते हो,
मेरे खयालों में तू जलवा गर है। तेरा नाम लब पर तो शामो सहर है। मेरे खयालों में तू जलवा गर है। तेरा नाम लब पर तो शामो सहर है।
सुन मैडम भोली भाली सुन सुन मेरी ओ घरवाली। सुन मैडम भोली भाली सुन सुन मेरी ओ घरवाली।