Anchor Nehaa Gupta
Drama
बातें दिल की,
जो कहनी थी तुमसे,
धीरे धीरे कह दी हैं सारी,
तन्हाईओं से।
जीवन से मृत्य...
मंज़िलों को यू...
प्यार के खूबस...
सोच का फर्क
मेरे कान्हा
ख्यालों से ज़...
चलते चलते यूँ...
ज़िंदगी का आईन...
वो किनारे
ख्यालों में आ...
उनके मन में तो जहर के बेइंतहा बड़े-बड़े तीर भरे पड़े है उनके मन में तो जहर के बेइंतहा बड़े-बड़े तीर भरे पड़े है
ज़िन्दगी आंसू, ज़िन्दगी ख़ुशी, ज़िन्दगी की ये दोनों दरकार। ज़िन्दगी आंसू, ज़िन्दगी ख़ुशी, ज़िन्दगी की ये दोनों दरकार।
इसलिए दुनिया की बेहतरी में वह रुक जाती है इसलिए दुनिया की बेहतरी में वह रुक जाती है
सारा घर चला लेती है वो सारा घर चला लेती है वो
कितनी चीजें थी जिन पर मुझे गम्भीरता से विचार करना था कितनी चीजें थी जिन पर मुझे गम्भीरता से विचार करना था
जो कस्मे मेरे साथ रहने की खाई थी। जो कस्मे मेरे साथ रहने की खाई थी।
एक सुंदर आधार मिला एक सुंदर आधार मिला
अपने गुलाबी लबों से छुआ था, वो लम्हा क़ैद है आज भी अपने गुलाबी लबों से छुआ था, वो लम्हा क़ैद है आज भी
छोटी सी तो है ज़िन्दगी छोटी सी तो है ज़िन्दगी
फ़ौरन ही मैंने लिफ़ाफा ए फुरकत में पैग़ाम ए आज़ादी भिजवाया ! फ़ौरन ही मैंने लिफ़ाफा ए फुरकत में पैग़ाम ए आज़ादी भिजवाया !
चन्द गलियां हैं सीधी, चौराहे पर ओझल रहती है। चन्द गलियां हैं सीधी, चौराहे पर ओझल रहती है।
ज़िंदगी के पहले इम्तिहान में जाते वक्त माँ का दही शक्कर खिला कर आशीर्वाद देना आज भी ज़िंदगी के पहले इम्तिहान में जाते वक्त माँ का दही शक्कर खिला कर आशीर्वाद देना...
थक हार कर अकेले होंगे खुद से, जब वह अंबर की ओर चलेंगे थक हार कर अकेले होंगे खुद से, जब वह अंबर की ओर चलेंगे
जिंदा था तो बुराईयां ढूंढ़ते रहे मेरे जाने के बाद, अच्छाईयां खंगाल रहे हो? जीते जी हाल पूछने, आ ना... जिंदा था तो बुराईयां ढूंढ़ते रहे मेरे जाने के बाद, अच्छाईयां खंगाल रहे हो? जीत...
ज्ञान साधना यथार्थ की मोक्ष छोर बन जा। ज्ञान साधना यथार्थ की मोक्ष छोर बन जा।
लाड तुम्हारा याद आता है सोच के दिल भर आता है लाड तुम्हारा याद आता है सोच के दिल भर आता है
किसी आश्रम मे छोड़ आता है, वह डैड होता है। किसी आश्रम मे छोड़ आता है, वह डैड होता है।
दूर चला जाता है किसीसे दूर चला जाता है किसीसे
हमारी ग़लतियों को कभी नज़रअंदाज़ क्यो करते नहीं हो तुम हमारी ग़लतियों को कभी नज़रअंदाज़ क्यो करते नहीं हो तुम
कभी साथ निभाने से इंकार है तो कभी साथ रहने का इकरार है। कभी साथ निभाने से इंकार है तो कभी साथ रहने का इकरार है।