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niraj shah

Romance

2  

niraj shah

Romance

बारिश की बूँदें

बारिश की बूँदें

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उनके लबों पे गिरकर 

बिखर गयी थी बारिश की बूँदें

और

शहर में चर्चा था

मौसम रंगीन हो गया

एक हथेली में उंगलियां दस हुई

धड़कने दिल की बे-बस हुई 

जब चिरागों ने अँधेरा ओढ़ लिया 

मामला संगीन हो गया

मौसम रंगीन हो गया

हारकर वो उनके हवाले हुए 

बादलों में ओझल सितारे हुए 

चेहरे पे उनके खुद का ही नूर था 

समा हसीन हो गया 

मौसम रंगीन हो गया


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