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niraj shah

Drama

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niraj shah

Drama

भ्रम

भ्रम

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अपना भ्रम खुद बनाया मैंने 

अपना कर्म खुद गँवाया मैंने।

 

वो बात जिसका कोई मोल न था  

उसे पाने में जीवन बिताया मैंने।


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