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Alka Ranjan

Romance

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Alka Ranjan

Romance

प्रेम तुम निभाना प्रिये

प्रेम तुम निभाना प्रिये

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जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं,

संग बस प्रेम से निभाना प्रिये।


साथ जीना और साथ मरना है,

साथ हर वक्त तुम निभाना प्रिये।


मुश्किलें जिंदगी में आएंगी।

कष्ट जीवन में बहुत लाएंगी।


शाम होगी तो सुबह भी होगी‌।

गम अगर है तो खुशी भी होगी।


मुश्किलों में ही खो ना जाऊं कहीं,

राह मेरा सदा बनाना प्रिये।


हौसला बन जाना हर पल,

साथ हर वक्त तुम निभाना प्रिये।


जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं,

संग बस प्रेम से निभाना प्रिये।


तेरे हाथों में रहे मेंहदी की खुशबू

हाथों की चूड़ियां खनकती रहें।


मांग सिंदूर पग महावर से,

तेरी शोभा सदा निखरती रहे।


सात फेरों से बंधा यह जीवन,

सात जन्मों में कभी छूटे नहीं।


तू जो रूठे तो मैं मनाऊं

मैं जो रूठूं तो तुम मुझे मना लेना प्रिये।


साथ जीना और साथ मरना है,

साथ हर वक्त तुम निभाना प्रिये।


जिंदगी यूं ही खो न जाए कहीं,

संग बस प्रेम से निभाना प्रिये।।

      


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