STORYMIRROR

Neha Prasad

Romance

4  

Neha Prasad

Romance

बारिश और यादें तेरी

बारिश और यादें तेरी

1 min
400

आज सुबह आखें खुली तो पाया मौसम में कुछ नमी सी है,

बिल्कुल वैसे ही जैसे मेरी इस जिंदगी में तेरी कमी सी है।


उठ झरोखे से देखा तो बारिश झराझर धरातल पर ऐसे पड़ रही हैं,

जैसे इतने सालों बाद भी मेरे मन में तेरी यादों की आंधी चल रही है।


पहला प्यार थे तुम मेरा, लेकिन हम इजहार ए इश्क़ न कर सके,

क्या कोई ऐसा है पास तुम्हारे, जो हमारे ही तरहा तुम्हारी यादों की बारिश में भीग सकें।


मिल गया होगा तुमको साथ किसी का, खुश भी होंगे कि तुम उसका प्यार पा सकें,

पर, क्या उसका प्यार भी है हमारे जैसा जो तुम से ही शुरू और तुम पर ही खत्म हो सकें।


आज फिर उठ रहा है मन में एक ही सवाल, आखिर क्यों? तुम न हुए हमारे, क्या प्यार में कमी थी कुछ मेरे या फिर कभी उस नजर से देखा ही नहीं तुमने अक्स को हमारे।


भींग रहे हैं बारिश में तन्हा, बस इक तेरी यादों के सहारे,

अब कैसे कहें यह सिर्फ बारिश नहीं, यह तो है यादें है उन लम्हों की जो थे तेरे संग गुजारें।।

                                   


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance