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Sumit sinha

Romance Classics Inspirational

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Sumit sinha

Romance Classics Inspirational

अंतहीन तलाश

अंतहीन तलाश

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चलो तलाशते है, 

कोई तरीका ऐसा.....!

मंद हवा भी चले..

और चिराग भी जले.!!


चलो तलाशते हैं

लौ ऐसी.....!

छोड़े ना जो..

चिराग को.!!


चलो तलाशते हैं

राह ऐसी.....!

मंजिल भी मिले..

महफ़िल भी सजे़..!


चलो तलाशते हैं

दुनिया ऐसी...!

दामन में जिसके..

बस खुशियां हों......!


चलो तलाशते हैं

शाम ऐसी....!

तुम भी मिलो..

सूरज भी ढ़ले.......!


चलो तलाशते हैं

किनारा ऐसा....!

हाथों में मेरे..

हाथ तुम्हारा हो.......!


चलो तलाशते हैं

ख्वाब ऐसे...!

जहां हम भी मिलें...

और तुम भी मिलो...!


चलो तलाशते हैं

एक आह ऐसी.......!

याद तुम भी करो..

याद हम भी करें......!


चलो तलाशते हैं

कुछ यादें ऐसी...!

हर यादों में याद..

तुम्हारी हो.......!


चलो तलाशते हैं

कोई धुन ऐसी...!

हम दोनों के दिल में

धुन एक ही हो...!


चलो तलाशते हैं

कोई पल ऐसा...!

पल दूजा न हो....

उस पल जैसा..….!


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