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Bhoop Singh Bharti

Tragedy

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Bhoop Singh Bharti

Tragedy

अन्नदाता

अन्नदाता

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अन्नदाता हो देस का, असली खेवनहार।

इसकी मांगें मान लो, उलझो ना बेकार।

उलझो ना बेकार, नहीं ये पाकिस्तानी।

सुन लो बारम्बार, शान ये हिंदुस्तानी।

हाल हुआ बेहाल, कर्ज में डूबा जाता।

भूखा मरता देख, देस का ये अन्नदाता।



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