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Dr. Poonam Gujrani

Abstract

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Dr. Poonam Gujrani

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अखबारों के पन्नों पर

अखबारों के पन्नों पर

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पढ़ते पढ़ते कितना रोई अखबारों के पन्नों पर,

सांझ हुई तो अक्सर सोई अखबारों के पन्नों पर।


जाने वाले सैनिक का मासूम सा बच्चा भूखा था,

नेताओं ने आंख भिगोई अखबारों के पन्नों पर।


अरबों की खरबों की दौलत रहती बंद तिजोरी में, 

बस वादों की फसलें बोई अखबारों के पन्नों पर।


लालकिले के सब गलियारे कानाफूसी करते हैं,

किसने कितनी लाशें ढोई अखबारों के पन्नों पर।


अपने हिस्से की खुशियां जो 'पूनम' जग को दे जाता,  

उसके खातिर सदियां रोई अखबारों के पन्नों पर।


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