STORYMIRROR

SUNIL JI GARG

Romance Inspirational

4  

SUNIL JI GARG

Romance Inspirational

अजनबी बनाते गहरे रिश्ते

अजनबी बनाते गहरे रिश्ते

1 min
226

अक्सर दूल्हा दुल्हन अब भी 

एक दूजे से अजनबी होते 

जीवन नैया में नए खिवैया 

जैसे बैठा दिया गए होते 


शनै शनै फिर नैया उनकी 

बढ़ती आगे खाकर हिचकोले 

ये भी जीवन का अनुभव अच्छा

फिर नवजीवन आकर रस घोले


अब अजनबियों का हुआ परिवार

दुनिया की सबसे मजबूत इकाई 

विश्वास इसका होता सीमेंट 

इसको सदा जोड़े रखना भाई


रिश्तों की सुगंध है सबसे प्रिय 

हर फूल से ज्यादा महके ये 

जी एक गौरैया ऐसी है ये 

आंगन, आंगन जाकर चहके


भारत देश ही ऐसा है निराला 

जहाँ अजनबी बनाते गहरे रिश्ते

संस्कृति ऐसी अनूठी है ये 

मन से मन आसानी से मिलते। 



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance