STORYMIRROR

Kadambari Gupta

Tragedy

4  

Kadambari Gupta

Tragedy

ऐसा आश्चर्य

ऐसा आश्चर्य

1 min
16

ऐसा आश्चर्य मुझे हुआ देखा

इस सर्दी में कोई रोता हुआ

कोहरे में दिखा नहीं उसका चेहरा

अंदर गम था बहुत गहरा आंसू का 

था रंग लाल देखकर आश्चर्यचकित रह गई

देखकर उसका हाल गम की नदी में बह गई

शायद गहरी चोट लगी उससे मेरी तरह

लेकिन में तकलीफ़ सह गई लेकिन वो 

सह नहीं पाया इस सर्दी के मौसम में

उसकी आत्मा ने भी छोड़ दिया साथ हो गया

पुरी तरह वो बर्बाद सड़क पर बैठे उन लोगों

ने भी उससे देखो नहीं अपनाया इस मौसम

की लपेट में आकर खो दिया अपना साया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy