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Poonam Mishra

Abstract


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Poonam Mishra

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ऐ चांद

ऐ चांद

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 ऐ चांद,

आज तनिक ठहर जाओ,

अमृत कला से सजी है धरा,

अभी तो आरंभ हुआ है ,

नयनो का मौन मिलन,

छू लेने दो चंचल ,

कोमल चितवन मन,

दूर शिखर पर ,

वो खड़ी है छवि,

अभी तो लहरो पर

नाच रही शीतल छवि,

नयनो में समा लेने दो,

यह सुनहरे पल,

ऐ चांद,

आज तनिक रूक जाओ!



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