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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Abstract

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वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Abstract

✍️बदलते कैलेंडर की✍️ ( 37 )

✍️बदलते कैलेंडर की✍️ ( 37 )

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दीवार पर लगी कील में

लगा कैलेंडर,

अपनी दादाागिरी से

हर रोज

तारिक बदल देता था,

पर

हार नहीं मानी 

उस तारिक और कील ने,

आखिर 

मेहनत रंग लाई

उन दोनों की,

और

आज की तारिक ने 

कैलेंडर ही बदल दिया

उस दीवार पर लगी कील से !


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