STORYMIRROR

वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Abstract

3  

वैष्णव चेतन "चिंगारी"

Abstract

सड़क पर पड़े पत्थर की किम्मत

सड़क पर पड़े पत्थर की किम्मत

1 min
154

सड़क पर पड़े पत्थर की 

कीमत तब समझ में आती है, 

जब सुनसान वीरान सड़क पर 

आवारा कुत्ते घेर लेते हैं,

उसी तरह समाज का महत्व भी 


तभी समझ में आता है

जब आप मुसीबत में होते हैं,

इसलिए........!

केवल समाज से जुड़ना ही महत्वपूर्ण नहीं... 

समाज के प्रति अपने कर्तव्य का निर्वाह भी करते रहें....


सिर्फ विपत्ति आने पर ही समाज से अपेक्षा ना करें....

साथ रहें !

संगठित रहें ! सुरक्षित रहें !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract