अबकी होली होगी ऐसी …
अबकी होली होगी ऐसी …
अबकी होली होगी ऐसी …
भांगों के गोलों से
होलिका के शोलों से,
चाहत के रंगों से
दिल में जगी उमंगों से,
सपनों कि सच्चाई से
अपनों कि अच्छाई से,
यारों कि यारी से
दुश्मनों कि गारी से,
बच्चों के प्यार से
पति कि मनुहार से,
धर्मों के सत्कार से
अपने संस्कार से !!!
