STORYMIRROR

Kanchan Prabha

Abstract

4  

Kanchan Prabha

Abstract

मानो या ना मानो

मानो या ना मानो

1 min
350

तुम मानो या ना मानो

इस बात में बड़ी सच्चाई है

जिनके पास है धन दौलत

उसने किस्मत अनोखी पाई है


गरीबों का हक मार मार कर

उनके जमीं पर मॉल बनाते हैं

उन झोपड़पट्टी वालों की

फिर तो राम दुहाई है

तुम मानो या ना मानो

इस बात मे बड़ी सच्चाई है


हाय पैसा हाय पैसा

करते रहते वो दिन रात

अमीरों ने और कितना

अमीर होने की कसम खाई है

तुम मानो या ना मानो

इस बात में बड़ी सच्चाई है।


पैसे वालों की यहाँ

हो जाती पूरी हर ख्वाहिशे

ओ नीली छतरी वाले

तुने कैसी ये दुनिया बनाई

तुम मानो या ना मानो

इस बात में बड़ी सच्चाई है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract