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Deepti S

Abstract

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Deepti S

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रंगोली

रंगोली

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अनेकों रंगों से भरी हुई देखो ये रंगोली

तीज त्यौहार की शान बढ़ा बन जाती हमजोली


मनचाहा आकार दें मिलकर इसे घरों की टोली

कोई फूल पत्ती तो कोई मोर बना सब करते हंसी ठिठोली


खुद में ये अनोखा रूप धर दिखती घर के आँगन द्वार 

हर छटा के रूप बिखेरे दीवाली हो या होली


सतरंगी रंगों से जैसा जीवन चले टेढ़ी मेढ़ी चाल अलबेली

वैसे ही है हर रंग से आती है सबके जीवन में ख़ुशहाली


साथ सबका प्रेम के रंगो से रुबरू हो सिखाए ये रंगोली

शुभकार्य में पूजी जाये सर्वप्रथम सूरत इसकी भोली।


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