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Sunil Maheshwari

Drama

5.0  

Sunil Maheshwari

Drama

अभिलाषा जिदंगी की

अभिलाषा जिदंगी की

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खुश रहकर गुजारो,

तो मस्त है जिदंगी,


दुखी रहकर गुजारो,

तो त्रस्त है जिंदगी,


तुलना में गुजारो,

तो पस्त है जिंदगी,


इतंजार में गुजारो,

तो सुस्त है जिंदगी,


चाहत में गुजारो,

तो उंमग भरी है जिदंगी,


सीखने में गुजारो,

तो किताब है जिंदगी,


दिखावे में गुजारो,

तो बर्बाद है जिदंगी,


ईर्ष्या द्वेष में गुजारो,

तो दुखदायी है जिदंगी,


मोहब्बत से गुजारो,

तो गुलजार है जिदंगी,


सिर्फ मिलती है एक बार,

प्यार से बिताओ जिदंगी,


जन्म तो रोज होते रहते हैं,

कुछ यादगार बनाओ जिंदगी।।


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