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AVINASH KUMAR

Romance

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AVINASH KUMAR

Romance

अब अफसाना ना बनाओ

अब अफसाना ना बनाओ

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रात की चुभन बढ़ जाती है सीने में

क्या रखा है ऐसे अकेले जीने में

तुम्हारे इंतजार में बूढ़े हो गये

और तुम कहते हो आएंगे सपने में!


जुगनू सी रोशनी दिखा मुझमें एक आस भर

अब तो तू जल्दी आजा सहा नहीं जाता इंतजार पल भर

विरह के मारे हैं चकोर से प्यासे हैं स्वाति की बूंद को तरसते हरपल

अब और ना सताओ सावन की तरह बरसात लाओ

दुविधाओ से परे चांद तारें मिले तुम लगा लो मुझको गले

हकीकत में आओ अब अफसाना ना बनाओ

तुमसे ही प्यार है मुझको और अब दीवना ना बनाओ!


इजहार अब करभी दो बेकरार बहुत कर लिया

आकर जीवन में मेरे अब मेरा जीवन संवारो

कुवांरा नहीं है मरना सिर्फ ब्याह तुमसे है करना

अब आकर जीवन में बस खुशियों के रंग भरना!


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