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अमित प्रेमशंकर

Romance


5.0  

अमित प्रेमशंकर

Romance


आत्मकथा

आत्मकथा

1 min 334 1 min 334


तेरे इसी आँसू ने मुझे,

तेरा दीवाना बनाया था।

तेरे इसी आँसू ने मुझे

अपनों से बेगाना बनाया था।।


पर अब जा के सच्चाई

मालूम पड़ा

कि मेरे रूह से खेलने के लिए

तूने दर्द और आँसू का

बहाना बनाया था।।



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