STORYMIRROR

Aman Barnwal

Abstract Action Inspirational

4  

Aman Barnwal

Abstract Action Inspirational

आओ अपना कर्त्तव्य निभाओ |

आओ अपना कर्त्तव्य निभाओ |

1 min
71

शिखर की राह बड़ी कठिन है,

हालात भी अनुकूल नही दिखते।

हम इंसान तो अब खुद की 

गलतियों से भी नही सीखते।


हर किसी से उम्मीद है हमें,

कभी खुद से उम्मीद नही रखते।

दूसरो के गुनाह बताने वाले,

हम खुद को है दलीलों से ढकते।


पर फिर भी तुम इन्सान हो 

अब तो वापस लौट आओ।

खुद भी जागो इस बेहोशी से,

औरो को भी जगाओ।


जिस समाज की कल्पना करते हो,

उसके लिए अभी से कदम बढाओ।

दूसरों से कोई उम्मीद मत करो,

तुम बस अपना कर्तव्य निभाओ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract