STORYMIRROR

Aman Barnwal

Abstract

2  

Aman Barnwal

Abstract

कुछ खूबसूरत सा पल

कुछ खूबसूरत सा पल

1 min
2.7K

चेहरे को हंसी दे गया दिल को खुशी दे गया

कुछ खूबसूरत सा पल आज बहुत कुछ दे गया।

याद दिला कर बचपन कीएहसास जगा अपनेपन की

पुरानी यादों को दोहरा तान नई यादें दे गया

कुछ खूबसूरत सा पल आज बहुत कुछ दे गया।

सर रखने को कंधे दे गया मन को चाहत के चंदे दे गया

तरसते थे जिसकी खातिर हमेशा हमें वहीं पल चुनिंदे दे गया

कुछ खूबसूरत सा पल अरमानों के पुलिंदे दे गया।

मां के हाथ का खाना दे गया।

भाभी का गुनगुनाना दे गया।

बचपन का कोई फसाना दे गया।

बच्चों को समय का बहाना दे गया।

कुछ खूबसूरत सा पलआज एक जमाना दे गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract