आँखों की पीड़ा कौन देखे
आँखों की पीड़ा कौन देखे
सच है..
आँखें सबकी
पीड़ा देखती हैं
पर..
आँखों में
छुपे मन की गहरी पीड़ा
कौन देखता है..?
सबको और सबकुछ
पढ़ने वाली आँखों के
खालीपन को
कौन पढ़ पाता है
कौन समझ पाता है
बड़ी-बड़ी / काली काली
आँखों में कितने रंगीन सपने कैद हैं
कौन समझ पाया है
इन सूनी आँखों की पीड़ा को..??
