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Anita Sharma

Drama Classics

4  

Anita Sharma

Drama Classics

आखिरी दांव

आखिरी दांव

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उम्र का वो चढ़ता पड़ाव

दुखते ज़ख्म गहरे घाव

थकान अजीब बढ़ा रही 

कमर का झुकावय़


जकड़ती हड्डियों में

अखरता तनाव

पोपली मुस्कान में

सिमटता गालों का भराव।


लेकिन जीने का अंदाज़

फिर भी लाजवाब

खिलती मुस्कान से

पनपता प्रेम भाव

एक आलिंगन


मिटा देता अलगाव

उम्र के अनुभव

जवां रखते मनोभाव

ऐसे खेलते जाते

ज़िन्दगी का आखिरी दांव।


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