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Deepak Sharma

Romance

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Deepak Sharma

Romance

...आख़िर मुझे हुआ क्या है

...आख़िर मुझे हुआ क्या है

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वो आस्माँ पे बताता है कि लिखा क्या है

ज़मीं की जात का उसको पता क्या है


सता रहा है मुझे कबसे ए  ज़माने तू

तुझे पता भी है आख़िर मुझे हुआ क्या है


नहीं है दिल की मगर जान की ये बाज़ी है

कहो सितारों लकीरों में अब लिखा क्या है


मरीज़े इश्क़ हैं सो हैं जाँ-ब-लब भी मगर

हमें तू छू के बता लम्स की शिफ़ा क्या है


तेरे बग़ैर मैं ज़िंदा रहूँ भला कब तक

तेरी जुदाई में साँसों को आसरा क्या है


ये जंगलों में भटकता है बस्तियों से निकल 

गमे-फ़िराक़ के मारे को रास्ता क्या है


निगाहे नाज़ के मारे हो तुम न जानोगे

शुरू हुआ है जो दर्दों का सिलसिला क्या है


वो जानता ही नहीं उसको हो गई निस्बत 

अदा से पूछे कि रिश्ता तेरा मेरा क्या है


नज़र मिले तो मिले है क़रार क्यूँ ‘दीपक’

ज़रा बता तो सही क्या ये माजरा क्या है।


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