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Rajiv Jiya Kumar

Tragedy

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Rajiv Jiya Kumar

Tragedy

आईना

आईना

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देखा है क्या तुमने अभी

आईना में चेहरा अपना

सत्य तो दिखा ही होगा

तोङ कर सारे का सपना

गुमसुम हो गए हो तभी।।

यह आईना बताता होगा

कथ्य जो तुमने कहे

बस साथ तुुुुम्हारे आकर

कष्ट फिर जो हमने सहे

हाहाकार है मचा सब ओर तभी।।

दरकिनार न करो आईना यह कभी

साक्षात दिखाता यह अपना समाज

क्या से क्या कर गुजरे

पर रूप बिगङ रहा इसका आज

सोचो सही सुधर जाएगा तभी सभी।।

           


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