Ishan Ahmad
Drama
जब फूलों पर छा गई,
मादकता भरपूर।
भौंरे आखिर क्यों रहें,
फिर बसंत से दूर।
ग़ज़ल
जल ,प्रकृति औ...
जल ,प्रकृति,प...
बसंत ऋतु का आ...
आगमन
बसंत
मेरा जीवन
प्रेरणा
यादें
इस सन्नाटे और अंधेरे में रोशनी जरूर दिखाई देगी इस सन्नाटे और अंधेरे में रोशनी जरूर दिखाई देगी
तिनका तिनका जोड़ कर उस चिड़िया ने घोंसला बनाया, दूर सूखे उस पेड़ पर अपना घर उसने बसाया तिनका तिनका जोड़ कर उस चिड़िया ने घोंसला बनाया, दूर सूखे उस पेड़ पर अपना घर उसन...
चलता रहेगा अनवरत कुछ नए किरदारों के साथ। चलता रहेगा अनवरत कुछ नए किरदारों के साथ।
वायु ने बिगड़ दिया , इतना कमजोर हमारे रिश्ते की तरह। वायु ने बिगड़ दिया , इतना कमजोर हमारे रिश्ते की तरह।
हाँ ! मैं मोहब्बत हूँ दिल की सुनती हूँ एहसानो से नहीं मैं एहसासों मेँ पलती हूँ ! हाँ ! मैं मोहब्बत हूँ दिल की सुनती हूँ एहसानो से नहीं मैं एहसासों मेँ ...
मुझको चाहने का तू अफसोस जताया ना कर। मुझको चाहने का तू अफसोस जताया ना कर।
समझोगे तुम भी जब तुम्हें कोई छोड़ के जाएगा। समझोगे तुम भी जब तुम्हें कोई छोड़ के जाएगा।
शायद कुछ राज हो इसमे भी गहरा या हो कुछ इशारा तेरा। शायद कुछ राज हो इसमे भी गहरा या हो कुछ इशारा तेरा।
होता ना राख फिर भी बशर ऐ ज़िंदगी …..ज़रा सब्र कर। होता ना राख फिर भी बशर ऐ ज़िंदगी …..ज़रा सब्र कर।
हाथ में इनके कलाम दें, कहें तेरा अब पूरा आसमान है। हाथ में इनके कलाम दें, कहें तेरा अब पूरा आसमान है।
और मिली हैं आज़ादी खुद को और अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने को। और मिली हैं आज़ादी खुद को और अपने देश को आत्मनिर्भर बनाने को।
प्रकृति वही हमें देगी अभी भी वक्क्त है पर्यावरण का ख्याल रखे। प्रकृति वही हमें देगी अभी भी वक्क्त है पर्यावरण का ख्याल रखे।
प्रेम में मास्क बाधा नहीं, ये रक्षा सूत्र हमारा है। प्रेम में मास्क बाधा नहीं, ये रक्षा सूत्र हमारा है।
बस खा़मोशी से हर बात मान जाते सच है कुछ रिश्तों के कोई नाम नहीं होते। बस खा़मोशी से हर बात मान जाते सच है कुछ रिश्तों के कोई नाम नहीं होते।
तू क्यूं फिर उस वीरान आंगन में झूमना चाहता है, क्यूं उन गलियों से गुजरना चाहता है, तू क्यूं फिर उस वीरान आंगन में झूमना चाहता है, क्यूं उन गलियों से गुजरना चाह...
मगर ख़त में शायद लिखना भूल गया कि जो गुनाह तूने किया है, उसकी क्या सजा है। मगर ख़त में शायद लिखना भूल गया कि जो गुनाह तूने किया है, उसकी क्या सजा है।
शायद हद से ज्यादा ही उसे चाहा था, तभी ये अंजाम हमें मिला था। शायद हद से ज्यादा ही उसे चाहा था, तभी ये अंजाम हमें मिला था।
बस आंखें बंद करके उड़ जाना चाहती सारी झंझटों से दूर। बस आंखें बंद करके उड़ जाना चाहती सारी झंझटों से दूर।
क्या सोचा है, ज़िंदा लाश की तरह, जिए जाना क्या होता है। क्या सोचा है, ज़िंदा लाश की तरह, जिए जाना क्या होता है।
लोगों की क्या बात करें, ये आया जाया करते है ! लोगों की क्या बात करें, ये आया जाया करते है !