राम लीला मैदान
राम लीला मैदान
रामलीला मैदान सुनते ही कौन सी तस्वीर आपके जहन में उठती है।
जी हां बिल्कुल सही आपके मन में रामलीला मैदान की तस्वीर उभर कर जो आ रही होगी।
परंतु यह रामलीला मैदान उससे बिल्कुल अलग है।
हालाकि हम वर्ष 1984 में उत्तम नगर के विश्वास पार्क डी ब्लॉक में रहने आए थे।
तब से लेकर आज यानी वर्ष 2022 की समाप्ति और 2023 की शुरुवात के बीच में ज्यादा समय नहीं बचा है।
जहाँ आज वर्ष 2022 में ढेर सारे अनुभव से हम भर रहे है।
वही वर्ष 2023 नई ऊर्जा नई उमंग नई सोच नई उम्मीद जगा रहा है।
वही वर्ष 2023 नए प्रणय संबंध बनाने के लिए आतुर है।
जी हां एक रात करीब आठ बजे हम अपने ओरियो को घुमा रहे थे।
रामलीला मैदान में तभी दो सज्जन आए और पूछने लगे यहां शादी होती है।
हमने कहा जी हां इसे राजापुरी मैंन रोड का रामलीला मैदान कहा जाता है। यहां शादियों होती रहती है।
उन्होंने हमसे पूछा कितना खर्च आता है।
हमने कहा हमे नहीं मालूम क्युकी हमारे बच्चे शादी लायक अवश्य है।
परंतु उनकी शादी अभी तक नही हुई है।
ना ही हमने यह जानने की कोशिश की है।
यहा शादी का कितना खर्चा आता है।
हम सिर्फ यह बता सकते है। हम यह लगभग तीस साल से शादी होते हुए देखते आ रहे।
देखिए कल ही यहाँ सगाई हुई थी।
वह बोले सगाई के अनुसार यह स्थान सही है।
परंतु शादी के लिए उपयुक्त नहीं है।
हमने कहा नहीं शादियां यहा़ लंबे अर्से से होती आ रही है।
ना जाने कितने प्रणय संबंधो का खाना हम इस रामलीला मैदान में खा चुके है।
वह बोले यहा चेंजिंग रूम कहा हैं।
हमने कहा आप उत्तरांचल टेंट हाउस वालो से बात कर ले।
वह बोले पहले आप ही बताओ अंकल।
हमने कहा हमे जो जानकारियां है वह हम सब आप को बता चुके है।
यदि इससे ज्यादा आप जानकारी लेना चाहते है। उस गली में उत्तरांचल वालो का घर दफ्तर है। आप वहा से संपूर्ण जानकारी ले सकते है।
वह बोले फिर यहा पर कालीन बिछता होगा।
हमने कहा हां बिछता है। पूरे छेत्र को कालीन के द्वारा पाट दिया जाता है।
हमने महसूस किया एक के बाद एक प्रश्न के द्वारा उनकी जिज्ञासा बढ़ती जा रही थी।
वह बोले स्टेज किस तरफ होगा। पहले हमने कहा वहा होगा। जहा वह मंच दिखाई दे रहा है। उसके पश्चात हमने कहां यह सामने होगा।
उनके चेहरे पर कोई हाव भाव ना देखकर हमने कहा।
यह आपकी इच्छा पर निर्भर करता है। आप स्टेज कहा रखना चाहते है।
वह बोले ये शादी लायक नही है। हमने कहा ना जाने कितनो का घर आबाद होते हुए हमने इस रामलीला मैदान में देखा है।
राजापुरी का यह राललीला मैदान सदियों से गवाह है।
प्रणय सूत्र का, मंगल कार्य का, पवित्र वैवाहिक बंधन का, मंगल सूत्र शुभ विवाह का।
ना जाने कब से हम इस राम की लीला की कथा का आनंद ले रहे।
ना जाने कब हम बचपन से पच्चपन के हो गय।
आज इस उम्र में आप हमसे कह रहे है।
यह रामलीला मैदान वैवाहिक कार्यक्रम के लिए उपयुक्त नहीं है।
जनाब जहा आप लाखो रुपया देकर अपनो की शादी करवाना चाहते है।
वही यह रामलीला मैदान आपकी भरी जेब हल्की तो कर सकता है परंतु खाली नही।
परंतु शायद वह कुछ और ही तलाश कर रहे थे शायद उनकी जरूरतें अवश्य कुछ अलग रही होंगी जिसके कारण मैं 5 मिनट की दूरी पर बातचीत करने के लिए तैयार नहीं हुए जबकि हम उनसे आग्रह करते रहे कुछ ही दूरी पर उत्तरांचल टेंट हाउस वाले से अपेक्षित करके पूरी जानकारी ले सकते हैं परंतु वह हमारे अनुरोध को ठुकरा कर अपनी गाड़ी से आगे बढ़ चले।
बावजूद इसके हम आप सब को यह बता देना अत्यंत जरूरी समझते हैं राजापुरी का रामलीला मैदान से मशहूर स्थान जहां अब बच्चे बड़े हो जाने के पश्चात वहां रामलीला तो नहीं होती परंतु आज भी बिना जाने असंख्य लोग प्रणय सूत्र में बंधते हैं यह उनका गवाह है।
इतिश्री
