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Anvi GODARA

Action

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Anvi GODARA

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नारी मूर्त नहीं इंसान है

नारी मूर्त नहीं इंसान है

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उसकी आंखों में कुछ अलग सी बात थी। वो डरी सहमी हुई थी। किसी से बात करने में हिचकिचाहट हो रही थी। वो किसी से भी बात करने में डरती थी। हमारे पड़ोस में नयी शादी हुई। नयी दुल्हन आई। वो बहुत भोली सी थी। वो पढ़ी लिखी भी नहीं थीं। उसके ससुराल वाले उसे काम के लिए ले के आये थे। उसकी शादी को दिन 2 दिन हुए थे उसके ससुराल वाले घर का सारा काम करवाने लगे। वह बेचारी सारा काम करती। वह जब शादी करके आई तो वह मोटी थी। पर एक महिने में वह बिल्कुल पतली हो गई। उसको किसी से बात भी नहीं करने दिया जाता था। ना उसे पिहर जाने देते थे। वह छत पर लकड़ी की सीढ़ियों से घूम लेती थी। एक बार तो उन सीढ़ियों से गिर गयी पर उसके ससुराल वालों ने उस पर कोई दया नहीं दिखाई। उसकी ननंद पढ़ी लिखी थीं उसके लिए नौकरी लगा लड़का ढूंढ रहे थे। कितनी मासूम थी कि कड़ी दोपहर में छत पर पौता लगाती। आस पड़ोस के सभी लोग उसकी बहुत फिक्र करते हैं और कहते हैं यह बेचारी बहुत काम करती हैं उसकी तो वह हालत बहुत बुरी है। परंतु उसके ससुराल वालों को उस पर बिल्कुल भी दया नहीं आती। उसका पति भी कोई काम का नहीं था उसे बिल्कुल दया नहीं दिखाता।

सभी पड़ोसी कहते कि खुद की लड़की के लिए अच्छा लड़का चाहिए खुद की लड़की को ऐसे घर शादी करना चाहते हैं जहां काम ना करना पड़े और इस बेचारी से इतना काम करवाते हैं भगवान ने कभी माफ नहीं करेगा। यह भी तो इंसान हैं इस पर भी दया करनी चाहिए। कोई उसके लिए कुछ नहीं कर सकता था। लड़की के मां-बाप गरीब थे और उन्होंने अमीर लड़के से शादी करके अपनी लड़की को और भी बड़े नरक में डाल दिया। उस लड़की को लड़के के अमीर होने का कोई फायदा नहीं हुआ उसकी हालत जानवरों जैसी थी। सारा दिन काम करती है रहते थी। लड़की पेट से हो गई। पर फिर भी उसे कोई आराम नहीं दिया गया वह पहले की तरह सारे काम करती है। आखिर उसको एक लड़की हुई पर वह लड़की कमजोर थी उसका दिमाग नहीं था डॉक्टर ने कहा एक बच्चे की मां को कभी आराम नहीं मिला इस हालत में उसे काम करवाया गया इस कारण हालत ऐसी है। आगे अब यह कभी मां नहीं बन सकती यह सुन सभी को गहरा सदमा लगा। पहले उन्होंने लड़की को गालियां दी कि यही ऐसी है। पर डॉक्टर ने कहा गलती इसकी नहीं आपकी है आपने इसे बिल्कुल आराम नहीं दिया। उस वक्त लड़की बोली आपकी वजह से यह हुआ। लड़की के माता-पिता ने उसका साथ दिया। और कहां है मैं यहां उनके साथ नहीं जाऊंगी। तलाक चाहिए। लड़की ने पहली बार आवाज उठाई। बहुत समझाया पर वह नहीं मानी और तलाक ले लिया और उसने अब उस लड़की की दोबारा शादी करवाई । भले ही उसकी शादी अब करीब घर में करवाई परंतु वो लड़की वहां खुश है। जिस लड़के और जिस लड़के से उसके पहले शादी हुई थी वह अब कुंवारा है। उससे कोई शादी नहीं करना चाहता। अब उन्हें अपनी गलती का पछतावा भी है। उस लड़की के मां बाप ने पहले अमीर लड़के से शादी करके लड़की को कोई सुख नहीं दिया, बाद में उसके लिए अच्छा लड़का ढूंढा, उन्हें बाद में समझ आई लड़का लड़की खिलौना नहीं इंसान है उसमें भी इंसानियत है। पैसे से नहीं जिंदगी चलती है इंसान को इंसान समझने से चलती है।


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