भ्रष्टाचार
भ्रष्टाचार
एक - दो , एक - दो,
भ्रष्टाचार को फेंक दो।
जब से आया ये दुनिया में भ्रष्टाचार,
तब से लोग कर रहे है खूब दूराचार।
इसकी छाया बन रही है सर्वव्यापी,
पर परमात्मा के प्रति यह है पापी।
है नेता भ्रष्टाचारी, तो है दुनिया दूराचारी,
हे भगवान पकड़ो बैंया और पार करो नैया।
लोगों भ्रष्टाचार को मारो ऐसे गोले,
ताकि हर बच्चा सिर्फ यही बोले;
कि एक - दो, एक - दो,
भ्रष्टाचार को फेंक दो।
