STORYMIRROR

Anita Lodhi

Abstract Classics

3  

Anita Lodhi

Abstract Classics

दीवारों पर

दीवारों पर

1 min
273

दीवारों पर

अब वो टेढ़ी लाईंने नहींं दिखतीं

बिस्तर की चादर में

उड़ता सुपरमैन नहीं हैै


जूूूतें भी करीने से रखे हैं अब

लाॅन में गमलों का विकेट नहीं है

पड़ोसन की कोई शिकायत नहीं आती

दादी भी अब सताई नहींं जाती

न रिमोट की अब लड़ाई होती हैै

न मैैथ टेस्ट की कोई काॅॅपी खोती है

बस

गर्मी की धूप में सूखता आचार नहीं दिखता

और

इतवार की शाम ये घर बात नहीं करता।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract