तू चांद मैं चकोर
तू चांद मैं चकोर
तू चांद मैं चकोर,
बस देखूं तेरी ओर,
तुझको ताकता रहूं,
पुलकित है पोर पोर।
रात भर जागता रहूं,
तुझको निहारता रहूं,
उद्विग्न हो उठा है "देव"
आने वाली अब है भोर।
तू चांद मैं चकोर...
अब सुबह होने वाली है,
लालिमा छाने वाली है,
छुप जाएगा बादलों में तू,
मचल गया है दिल का चोर।
तू चांद मैं चकोर...
पूरा दिन पड़ा है सामने,
अब तेरा हाथ थामने,
चल पड़ा हूं मै डगर डगर,
फिरता हूं ठोर ठोर।
तू चांद मैं चकोर...
देखो शाम फिर से अाई है,
उमंग दिल में छाई है,
तुम्हारे दर्श पाने को,
बहते हैं नयन कोर।
तू चांद मैं चकोर...
अंधेरा घना छाया है,
तू फिर से निकल आया है,
करूंगा प्यार रातभर,
दिल धड़का जोर जोर।
तू चांद मैं चकोर,
बस देखूं तेरी ओर,
तुझको ताकता रहूं,
पुलकित है पोर पोर।
तू चांद मैं चकोर...

