Sonam Kewat

Abstract


Sonam Kewat

Abstract


उसके चेहरे की उदासी

उसके चेहरे की उदासी

1 min 270 1 min 270

वो महज तस्वीर में कैद हैं,

जिसकी दिल में एक आरसी है।

जो राजघराने में पलती हैं लेकिन,

उसके चेहरे पर एक उदासी है।


गहनों से लदी हुई थी वों,

मनमोहिनी जैसा सिंगार था।

सुंदरता की तो बात ही छोड़ो,

उसके तो यौवन में भी अंगार था।


सभी सखियां उसकी हंस रही थी,

पर शायद वह थोड़ी खोयी सी थी।

शांत सा भाव था चेहरे पर और,

मानो कली कोई छुईमुई की थीं।


चाह है की मुस्कान बन जाऊं,

भले इस जुर्म की सजा फांसी हैं।

क्योंकि देखा है मैंने खुद ही कि,

उसके चेहरे पर कुछ उदासी हैं


मैं पंख बनना चाहता हूं,

सिर्फ उसे उड़ाने के लिए।

खुशियों का बौछार करूंगा,

उसकी उदासी हटाने के लिए।


आस है मुझे अब सिर्फ उसकी,

चेहरे पर मुस्कुराहट लानी है।

प्यास एक झलक की मुझे भी है,

और वह प्यास मुझे बुझानी है।


Rate this content
Originality
Flow
Language
Cover Design