हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा
हिंदी हमारी मातृभाषा
इसकी रक्षा के खातिर जान न्योछावर कर जायेंगे
झुकने न देंगे मान इसका, इसके लिए कुछ भी कर जायेंगे
ये हमारा वतन है हिंदी,
सारा वतन है हिंदुस्तानी, जिसे हिंदुस्तान हम कहते हैं
भारत के हृदय का भाव है हिंदी,
संपूर्ण हिंदुस्तान का आवाज है हिंदी,
हिंदी हमारी मातृभाषा है जिसे हम बचपन में ही सीखते हैं
हमारे राष्ट्र का आधार है हिंदी
सारे मनोभाव हिंदी से साकार हुए
सारे साहित्य इससे आकार लिए
इतिहास लिखा हिंदी ने
सभ्यता का पहचान है हिंदी
हर भाषा को आत्मसात किया हिंदी
है कितनी मधुर बोली हिंदी
विविधता में है एकता
हिंदी हमें यह बताती है
हिंदी भाषा से ही है हमें पहचान मिली
जिसके बिना अस्तित्व कहां संभव है
प्रेमचंद, पंत, महादेवी वर्मा, द्विवेदी और निराला सभी ने हिंदी का सम्मान किया
तब जाकर जग में अपना नाम किया
विस्मृत इसे करके जो जायेंगे
क्या वो कभी विकसित हो पायेंगे
विविधता में है एकता
हिंदी हमें यह बताती है
हिंदी भाषा से है हमें पहचान मिली
अपनी भाषा से अलग होकर क्या हम कभी आगे बढ़ पायेंगे
जिस भाषा ने हिंदुस्तान को संपन्न किया
उसे हरगिज़ हम बचायेंगे
आओ सब मिलकर संकल्प करें
हिंदी भाषा को विकसित करेंगे
जन-जन तक इसे पहुंचायेंगे
हिंदी के साथ भारत का शान बढ़ायेंगे
हिंदुस्तानी हैं हम और हिंदी भाषी कहलायेंगे।
