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Ganesh G Shivlad

Fantasy Inspirational

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Ganesh G Shivlad

Fantasy Inspirational

वरदान..!

वरदान..!

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भेगाळल्या भुईला 

पडलं सपानं..!

हिरवं मळवट 

भरलयां माळानं..!


धरती आईच 

आभाळाशी लगीनं..!

ढोल वाजीतो ढग 

नाचतोया गर्जून..!


सावळ ढगाड 

बरसल पिरमानं..!

गोरं मोरं शिवार 

फुललं जोमानं..!


कोसळतो पाऊस 

घालतो घुमानं..!

गोदामाईला म्हया 

आलयां उधाण..!


पाखरं डोंगराला 

घालती रिंगांन..!

गाई गुरं चरती 

रानोमाळी येंगूनं..!


हिरव पातळ 

लेलं सिता मायीनं..!

आलीहो नवराई 

सजूनं धजूनं..!


ओटी भरु या तिची 

पेरून बियाण..!

ऊगूदी सोनं माय 

मागतो वरदान..!


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