STORYMIRROR

Renuka D. Deshpande

Abstract

2  

Renuka D. Deshpande

Abstract

सुबह की शुरुवात

सुबह की शुरुवात

1 min
256

आज सुबह भी बडी प्यारी है...

फिर एक नई शुरुवात की बारी है..

कल की चिंता कल पे ही छोड़ दो..

आज का दिन यादगार कर दो..

हसीन यादें अपनो की याद कर लो..

यादों से ही जीवन खुशहाल कर लो..

याद आ जाते है दूर जाते ही अपने...

कितने भी दूर हो साथ रहते है अपने..



साहित्याला गुण द्या
लॉग इन

Similar marathi poem from Abstract