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Renuka D. Deshpande

Abstract

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Renuka D. Deshpande

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सुबह की शुरुवात

सुबह की शुरुवात

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आज सुबह भी बडी प्यारी है...

फिर एक नई शुरुवात की बारी है..

कल की चिंता कल पे ही छोड़ दो..

आज का दिन यादगार कर दो..

हसीन यादें अपनो की याद कर लो..

यादों से ही जीवन खुशहाल कर लो..

याद आ जाते है दूर जाते ही अपने...

कितने भी दूर हो साथ रहते है अपने..



साहित्याला गुण द्या
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