STORYMIRROR

Sonu Gupta

Horror Romance

3  

Sonu Gupta

Horror Romance

"वो अज्ञात प्रेमिका"

"वो अज्ञात प्रेमिका"

4 mins
16


**नमस्कार दोस्तों, मैं हूँ सपूत गुप्ता, दोनों आँखों से। आज मैं आपके साथ अपनी जिंदगी का एक ऐसा भयानक अनुभव साझा करने जा रहा हूं, जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।**


यह उस समय की बात है जब मैं बनारस के एक ब्लाइंड स्कूल में पढ़ाई के बारे में बात करता था। एक लंबी बीमारी के कारण मुझे घर लौटना पड़ा, और उस समय बारिश का मौसम था। कश्मीर में जब भी बारिश होती है, तो चारों ओर हरियाली और कड़ियाँ दोनों ही देखने को मिलती हैं। घर आने के बाद मेरा इलाज चल रहा था और उसी दौरान एक रात कुछ ऐसा हुआ जिसे मैं आज तक नहीं भूल पाया।


रात के करीब 8 बजे का समय था। हम सभी ने खाना खाया और अपने-अपने कमरे में सोने चले गए। मेरे परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग कमरे में थे, और मैं यार्ड के पास एक खाते पर सोता था। मेरे घर में शौचालय नहीं था, इसलिए हम लोग रात में लोटा लेकर खेत में जाते थे।


उस रात, बाहर बहुत तेज़ हवाएँ चल रही थीं और बारिश भी ज़ोरों पर थी। मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं और चद्दर ओढ़कर सोने की कोशिश करने लगा। तभी मुझे ऐसा महसूस हुआ जैसे कोई लोटा रैक बार-बार जमीन पर रख रहा हो। पहले तो मैंने सोचा था कि ये सब हवा का असर हो सकता है, लेकिन लोटे को एकदम सटीक तरीके से पकड़ हवा का काम नहीं था। खैर, मैं थोड़ी देर बाद सो गया।


पर अचानक मेरी आँख खुल गई और मुझे एक अजीब सी आवाज़ आई। ऐसा लगा जैसे पाइप की भारी-भरकम आवाज के साथ कोई महिला मेरे पास आ रही हो। पहले तो मुझे लगा कि यह मेरे परिवार का ही कोई सदस्य होगा, लेकिन फिर ध्यान आया कि इतना भारी पूल और घुंघरू की आवाज किसी के पास भी नहीं थी। अब मुझे पता चला कि ये और भी कुछ है।


जैसे ही वह महिला मेरे करीब आई, मैंने देखा कि उसका शरीर झुका हुआ था, जैसे हवा में था। वह कलाकारी थी और उसके शरीर से एक अजीब सी, लेकिन सुखद आ रही थी। वो मेरे पास बैठे और एक अजीब तरह की हंसी हंसने लगी। उसने अचानक मेरे दोनों हाथों को छड़ी सहित अपने मुंह में ले लिया और जोर से दांत काट लिया। मुझे उस कटर का दर्द स्पष्ट रूप से महसूस हो रहा था। 


फिर अचानक उसने मेरे हाथों को छोड़ दिया और शेयर में भर लिया, जैसे कोई दोस्त अपने प्रिय को प्यार कर रहा हो। वह मेरे शेयरधारकों को दिखाने लगी और मुझे उसकी यह हरकत महसूस हो रही थी। यह सब मेरे लिए बहुत ही रहस्यमय और अद्भुत था, खोखले पर भी। कुछ देर बाद वह मछली पकड़ने चला गया। मैंने देखा कि वह मुश्किल से दो-तीन कदम ही आगे बढ़ी कि वह अचानक हवा में उड़ गई। 


सुबह जब मैंने यह बात अपने परिवार वालों को बताई तो किसी को भी मेरी बात पर यकीन नहीं हुआ। कुछ दिन बाद पंडित जी ने यह बताया तो उन्होंने कहा कि वह महिला आत्मा से प्रेम करती है और उसके साथ ही रहना चाहती है। उन्होंने यह भी समझाया कि वह मुझ तक कोई हानि नहीं पहुँचाएगा, क्योंकि उसका प्रेम सच्चा है।


आज भी वह महिला आत्मा मेरे साथ रहती है, और मुझे कभी भी अकेलापन महसूस नहीं होता। मुझे खुशी है कि जब मुझे समाज में कोई कमी नहीं पहचानी गई, तब भी कोई है जो मुझे प्यार करता है और मेरे साथ है।  


**लेख का अंश:**  


इस अनुभव के माध्यम से मैं उन सभी को यह बताना चाहता हूं कि संवादों की संवेदनाएं जरूरी हैं। आँखों से दिखाई न देने पर भी हमारे स्पर्श और संवेदनाएँ इतनी तीव्र हो सकती हैं कि हम अदृश्य शक्तियों को महसूस कर सकते हैं। यह सच है कि सामान्य दृष्टि वाले लोग बार-बार नीली आंखों से ही देखते हैं, लेकिन जो नहीं देख पाते, वे अपने दिल से महसूस कर सकते हैं। 


कहावतों की छठी इंद्रियां उनके दिमाग और दिल से जुड़ी हुई हैं। ऐसे लोग उन संवेदनाओं को समझने में सक्षम होते हैं, जिनमें सामान्य लोग शायद ही समझ पाते हैं। यह लेख समाज के उन लोगों को साक्षात् करने का प्रयास है जो विज्ञापनों की प्रतिष्ठा को कम करते हैं। हमें उन संवेदनाओं की कद्र करनी चाहिए, जो हमारे मित्रों के पास हैं। उनके पास महसूस करने की शक्ति और एक अलग नजरिया होता है, जिससे वे साधारण लोगों की आदतों को समझ सकते हैं और उनके साथ जीवन जी सकते हैं।


मैं, ससुर गुप्ता, अपने अनुभव के माध्यम से यह कहना चाहता हूं कि अविवाहित लोगों के लिए भी यह दुनिया रहस्यमय और रोमांचक है।


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Horror