**रहस्यमयी दुनिया का दरवाजा**
**रहस्यमयी दुनिया का दरवाजा**
दो का समय था. चिलचिलाती धूप में एक शख्स, जो घने जंगल में घूमने का शौक था, भटककर किसी अंजान इलाके में पहुंच गया। चारों ओर सिर्फ पेड़ों की हरियाली और पक्षियों की चाहत थी। अचानक नजर आता है एक पुराना, खंडहर और रहस्यमयी दरवाज़ा। दरवाज़ा जंगल के बीचों-बीच ऐसे खड़ा था जैसे वह किसी नज़रअंदाज दुनिया से निकल गया हो। व्यक्ति को उस दरवाजे के बारे में जानने की तीव्र जिज्ञासा हुई।
आख़िरकार, साहसकारिता दरवाज़े को धक्का दे दिया। दरवाज़ा चरमराती आवाज़ के साथ खुल गया। दरवाजे के अंदर का दृश्य देखकर वह हैरान रह गई। सामने एक विशाल महलनुमा मकान था, जो अलौकिक प्रकाश से दमक रहा था। मकान के अंदर जगह मिलती ही उसे ऐसा लगा जैसे वह किसी और ही दुनिया में आ गया हो।
### **अनोखे पेड़-पौधे और मसालों की दुनिया**
मकान के चारों ओर ऐसे पेड़ थे, जिन पर चिप्स, कुरकुरे, बिस्कुट और रंग-बिरंगे पिज्जा लटके हुए थे। कुछ खिलौनों पर झिलमिलाते खिलौने झूल रहे थे- मोटर चालित मॉडल, उड़ने वाले सूर्योदय, हाथ की फिरंगी, और छोटे-छोटे नाचते हुए रोबोट। बच्चों की हँसी-मजाक चल रही थी, वहाँ कैमरे ने उन्हें खुशियों से भर दिया हो।
कुछ आगे बढ़ते हुए उसे नीचे दिए गए ग्राफ़ से लेडे हुए पेड़ पर देखें। हर पत्ते पर सौ, पांच सौ और हजार के नोट झूल रहे थे। आदमी अवाक था. यह कैसा जादुई स्थान था? यह सब किसी का सपना जैसा हो रहा था।
### **रहस्यमयी यूट्यूब और भोजन का अनोखा स्रोत**
जब वह जंगल में आगे बढ़ा तो उसे इंजन गति की आवाज दी गई। वहां पहुंचने पर उसने देखा कि एक ट्यूबवेल से पानी की जगह गरमा-गरम दाल बह रही थी। सफ़सत सॉसेज़ावानी थी कि उसे भूख महसूस हुई। थोड़ी ही दूरी पर अन्य ट्यूबवेल भी थे, रेन राइस, स्वादिष्ट, और गाधी मिठाई बह रही थी। हर ट्यूबवेल से अलग-अलग इंजीनियर निकल रहे थे। कुछ में से पनीर की सब्जी तो कुछ से खेड.
पास में ही कई लोग नी को बड़े-बड़े ड्रमों में भर रहे थे। जब उन्होंने पूछा तो उन्होंने बताया, "हम ये सारा खाना गरीब और गरीब लोगों के लिए ले जाते हैं।" यह हैरान करने वाले व्यक्ति के मन में एक अजीब संतोष की भावना पैदा हुई।
### **सपनों सा अनोखा गांव**
आगे बढ़ने पर उसने देखा कि वहां के लोग बेहद दुखी और भावुक जीवन जी रहे थे। एक जगह पर एक शख्स खटिया पर लेता था, और एक महिला मसाज पीसकर मसाज कर रही थी। दूसरी ओर बच्चे रंग-बिरंगे फूलों के बीच खेल रहे थे। हवा में मधुर ध्वनि थी, और वातावरण में स्वर्ग जैसा आभास हो रहा था।
हर घर के बाहर छोटे-छोटे रोबोटिक कार्य कर रहे थे। कोई नजरिया लग रहा था, तो कोई पानी भर रहा था। बच्चों के लिए हर प्रकार के खिलौने मौजूद थे। हाथ की फिरंगी, नाचने वाले खिलौने, और रोशनी से जगमगाने वाले गेंद उनके मन को मोह रहे थे।
### **खजाने की खोज**
व्यक्ति ने आगे बढ़कर एक और दरवाजे को खोला। वहाँ एक विशाल कमरा था, अधिकांश सोने और चाँदी का घर। कमरे के बीचों-बीच एक बड़ा सा संदूक रखा गया था। संदूक के पास जाते ही एक आवाज गूंजी, "यह खजाना लालचियों के लिए नहीं, बल्कि नेक इंसानों के लिए है।"
व्यक्ति को अपनी लालच भरी सोच पर शर्म आई। उसने सोचा कि इस जगह का उपयोग लोगों की मदद के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने वादा किया कि वह इस रहस्यमयी दुनिया का उपयोग केवल महान कार्यों के लिए करेंगे।
### **अंतिम विचार**
उस दिन के बाद वह व्यक्ति उस स्थान पर एक नौकर बन गया। उन्होंने वहां पर वाले से मुलाकात की और भोजनालयों को सजावटी सामान में चमका दिया। उनका जीवन बदल गया।
इस जगह असल में एक मैसेज था कि अगर यूजर का सही इस्तेमाल किया जाए, तो कोई भी भूखा और उदास नहीं रहेगा। उसे अब समझ आया कि असली खजाना और मदद का भाव क्या है।
**समाप्त।**

